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  • थाली का चाँद

    Thali Ka Chand

    Pages: 199
    Language: Hindi
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Description

श्री आदूरि वेंकट सीताराम मूर्ति वर्तमान तेलुगु कहानी साहित्य के प्रतिष्ठित कथा पुरुषों की प्रथम पंक्ति के रचनाकार हैं। यह रचनाकार वस्तुतः समय-समय के साक्षी और भोक्ता पुरुष हैं। उनके लिए कहानी आत्मान्वेषण की प्रक्रिया है। वर्तमान युग में, जीवन-मूल्यों और आदर्शों में तेजी से टकराहट पैदा हुई है, उसी का चित्रण श्री आदूरि वेंकट सीताराम मूर्ति की कहानियों में हुआ है। सामाजिक प्रतिबद्धता इस कहानीकार की लेखनधर्मिता रही है। सन् 2006 में श्रीमती पारनंदि निर्मला ने श्री आदूरि वेंकट सीताराम मूर्ति की 22 तेलुगु कहानियों के हिन्दी रूपांतर को प्रस्तुत किया, जिसका प्रकाशन उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान, लखनऊ ने किया। श्री आदूरि सीताराम मूर्ति जी के पाँच उपन्यास और छः कहानी संकलन प्रकाशित हुए हैं। इनके उपन्यासों पर तेलुगु विश्वविद्यालय और आन्ध्र विश्वविद्यालय में शोध कार्य सम्पन्न हुआ है। तेलुगु भाषा में इनके द्वारा रचित ‘शिल्पी' कहानी का महाराष्ट्र के दसवीं कक्षा के पाठ्यक्रम में शामिल किया जाना इनके कृतित्व के उपयोगी पक्ष को भी उजागर करता है।

प्रस्तुत संकलन में श्रीमती पारनंदि निर्मला ने श्री आदूरि वेंकट सीताराम मूर्ति की 22 कहानियों का हिंदी रूपांतर प्रस्तुत किया है। ‘अम्मा' शीर्षक कहानी में स्त्री के बाह्य एवं अंतरंग जीवन में तनाव का चित्रण हुआ है। बच्चों के पालन-पोषण से जुड़ी समस्याएँ इसमें यथार्थवत् अंकित हुई हैं। ‘साबुन की टिकिया’ कहानी प्रतीकात्मक रही है। निम्न-मध्यवर्गीय परिवार में बच्चों की परवरिश पर साधनहीनता के प्रभाव को चित्रित करने और बच्चों की मानसिकता और उनकी आकांक्षाओं को अंकित करने में अंतरंग को और उसकी ईमानदारी को स्पष्ट किया गया है। ‘थाली का चाँद' कहानी में अविवाहित महिला की समस्याएँ चर्चित हुई हैं। संबंध-निर्वाह के दायित्व को स्वीकार करने वाली नारी की चारित्रिक गरिमा को इसमें स्पष्ट किया गया है।

- प्रो. एस.ए. सूर्यनारायण वर्मा

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