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  • पंख न मोड़नेवाला राग

    Pankh Na Modnewala Raag

    Publisher: Amma Publication

    Pages: 103
    Language: Hindi
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Description

पंख न मोड़नेवाला राग

तेलुगु मूलः आदूरी सत्यवति देवी

हिन्दी अनुवादः पारनन्दि निर्मला

तेलुगु की वर्तमान पीढी की लेखिकाओं में आदूरी सत्यवति देवी का मह्त्वपूर्ण स्थान है। कहानीकार और काव्यकार के रूप में उनकी ख्याती अनुपम है। सत्यवति देवी ने दो सौ गीतों, एक सौ से अधिक कविताऔं और रेडियो व संगीत रूपकों का प्रणयन किया है। 'वेन्नेललो वेणुगानम' (1998), 'रेक्क मुडवनि रागम' (1992) और 'जलपात गीतम' (1997) उनके तीन प्रसिद्द काव्य संकलन है।

'रेक्क मुडवनि रागम्' काव्य संकलन के हिन्दी रूपांतर को पारनन्दि निर्मला जी ने पंख न मोड़नेवाला राग शीर्षक के अन्तर्गत प्रस्तुत किया है। इस संकलन की कविताऍ की मानवीय अनुभूतियों के स्पष्ठ् प्रमाण प्रस्त्त करती है।

आदूरी सत्यवति देवी के इस काव्य संकलन को हिन्दी में रूपांतरित कर पारनन्दि निर्मला जी ने स्तुत्य कार्य किया है। उन्होंने स्त्रोत भाषा के स्थर पर कविता के भावात्मक संसार में तादात्म्य स्थापित कर लक्ष्य भाषा में एक नयी स्रुष्टी की है जो अनुवाडक की स्रुजन धर्मता एवं संवेदनशीलता का परिचय देती है। इस रूपांतर में मूल रचना नवपरिधान से युक्त दिखाई देती है पाठक के चित्त में मूल रचना में अंतर्निहित भावनाओं को उद्बोध कर सकती है। मेरा विश्वास है कि हिन्दी के पाठक इस अनूदित रचना का सहर्ष स्वागत करेंगे।

- डा. एस. ए. सूर्यनारायण वर्मा

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